So , counting them among the industrially employed may be statistically justified but would hardly brighten up the employment scene . इसलिए इनकी गणना औद्योगिक श्रमिकों के रूप में करना आंकड़ों की दृष्टि से न्यायसंगत हो सकता है लेकिन रोजगार स्थिति को आशापूर्ण नहीं बनाता .